मध्यप्रदेश कैबिनेट का बड़ा फैसला: अब किसानों को जमीन अधिग्रहण पर मिलेगा बाजार भाव का 4 गुना मुआवजा

By Shankar Aanjana

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जमीन अधिग्रहण पर मिलेगा बाजार भाव का 4 गुना मुआवजा

मध्यप्रदेश में बड़ा फैसला: जमीन अधिग्रहण पर किसानों को मिलेगा 4 गुना मुआवजा, कैबिनेट की मंजूरी

भोपाल से बड़ी खबर

मध्यप्रदेश में किसानों के लिए एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में सरकार ने कृषि भूमि अधिग्रहण को लेकर ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

अब प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में जब भी किसानों की जमीन अधिग्रहित होगी, उन्हें बाजार दर का 4 गुना मुआवजा मिलेगा। यह फैसला सीधे तौर पर हजारों किसान परिवारों की आय और भविष्य पर असर डालने वाला माना जा रहा है।

अब कितना मिलेगा मुआवजा? आसान भाषा में समझें

सरकार ने भूमि अधिग्रहण नियमों में बदलाव करते हुए Multiplication Factor को बढ़ाकर 2.0 कर दिया है।

👉 इसका सीधा मतलब:

  • पहले: कम मुआवजा
  • अब: बाजार दर × 4 = अंतिम भुगतान

👉 कहां लागू होगा?

  • ✔️ ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि
  • ❌ नगरीय क्षेत्रों में नियम पहले जैसा (फैक्टर 1 ही रहेगा)

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33,985 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को भी मंजूरी

कैबिनेट ने मुआवजे के साथ-साथ बड़े स्तर पर विकास परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है।

👉 मुख्य बिंदु:

  • कुल स्वीकृति: ₹33,985 करोड़
  • प्रमुख क्षेत्र:
    • सिंचाई
    • स्वास्थ्य
    • शिक्षा
    • सड़क और अधोसंरचना

उज्जैन में नई सिंचाई परियोजना, हजारों किसानों को मिलेगा फायदा

उज्जैन जिले की इन्दौख-रुदाहेड़ा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को स्वीकृति दी गई है।

👉 परियोजना की मुख्य बातें:

  • लागत: ₹157.14 करोड़
  • सिंचाई क्षेत्र: 10,800 हेक्टेयर
  • लाभ: झारड़ा तहसील के 35 गांव

✔️ किसानों के लिए इसका मतलब:

  • फसलों को समय पर पानी मिलेगा
  • उत्पादन में वृद्धि होगी
  • सूखे से राहत मिलेगी

छिन्दवाड़ा परियोजना के लिए बढ़ाया गया पुनर्वास पैकेज

सरकार ने छिन्दवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना के लिए पुनर्वास पैकेज को बढ़ाकर बड़ा फैसला लिया है।

👉 मुख्य आंकड़े:

  • नया पैकेज: ₹969 करोड़
  • पहले स्वीकृत: ₹840.80 करोड़

👉 परियोजना में शामिल:

  • संगम 1 बांध
  • संगम 2 बांध
  • रामघाट बांध
  • बेलेंसिंग रिजर्वायर (पांढुर्णा)

👉 संभावित लाभ:

  • 1,90,500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा
  • 628 गांव लाभान्वित
    • छिन्दवाड़ा: 369 गांव
    • पांढुर्णा: 259 गांव

कैसे लिया गया यह फैसला?

इस महत्वपूर्ण निर्णय के पीछे तुलसीराम सिलावट, राकेश सिंह और चेतन्य कुमार काश्यप की उप-समिति की अहम भूमिका रही। इस समिति ने अन्य राज्यों की नीतियों का गहन अध्ययन किया और साथ ही विभिन्न किसान संगठनों तथा उद्योग संस्थाओं—क्रेडाई, सीआईआई और फिक्की—से विस्तृत चर्चा के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार की। सरकार का यह पारदर्शी और किसान-हितैषी फैसला प्रदेश के हजारों किसान परिवारों को सीधे तौर पर लाभ पहुँचाने वाला माना जा रहा है।

👉 समिति में शामिल:

  • तुलसीराम सिलावट
  • राकेश सिंह
  • चेतन्य कुमार काश्यप

👉 समिति ने क्या किया:

  • अन्य राज्यों की नीतियों का अध्ययन
  • किसान संगठनों और उद्योग संस्थाओं से चर्चा
  • उसके बाद रिपोर्ट तैयार कर सिफारिश दी

क्यों खास है यह फैसला?

⭐ मुख्य वजह:

  • मुआवजे में बढ़ोतरी
  • किसानों और विकास के बीच संतुलन
  • पारदर्शी और अध्ययन आधारित निर्णय

निष्कर्ष

मध्यप्रदेश सरकार का यह फैसला किसानों के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। जमीन अधिग्रहण जैसे मुद्दे पर 4 गुना मुआवजा देने का निर्णय न केवल किसानों का भरोसा बढ़ाएगा, बल्कि राज्य में तेजी से विकास कार्यों को भी आगे बढ़ाएगा।

आने वाले समय में इसका असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास दोनों पर साफ दिखाई देगा।

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