मध्यप्रदेश में इस साल गेहूं खरीदी को लेकर एक तरफ सरकार बड़े स्तर पर व्यवस्था होने का दावा कर रही है, तो वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत किसानों की परेशानी को साफ दिखा रही है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के अनुसार अब तक 1 लाख 30 हजार से अधिक किसानों से 57 लाख क्विंटल से ज्यादा गेहूं खरीदा जा चुका है और सैकड़ों करोड़ रुपये का भुगतान भी किसानों के खातों में किया गया है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में किसान अभी तक अपनी फसल बेचने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जिससे किसानों में असंतोष और आक्रोश का माहौल बनता जा रहा है और कई जिलों मे किसानों द्वारा प्रदर्शन भी किया जा रहा है
पहले सरकार की और से तारीख पे तारीखे मिली
इस वर्ष खरीदी प्रक्रिया की शुरुआत ही विवादों और भ्रम के साथ हुई। पहले किसानों को 16 मार्च से खरीदी शुरू होने की जानकारी दी गई, फिर इसे बढ़ाकर 1 अप्रैल किया गया और बाद में 10 अप्रैल और कुछ जिलों मे 15 अप्रेल से खरीदी शुरू होने की बात सामने आई। इस तरह बार-बार तारीख बदलने से किसान न सिर्फ असमंजस में रहे बल्कि उनकी पूरी तैयारी और फसल प्रबंधन पर भी भारी असर पड़ा। कई किसानों को अपनी उपज सस्ते दामों मे मंडियों मे बेचना पड़ा और कई किसानों को लंबे समय तक घरो मे रोककर रखना पड़ा और बीच मे बारिश का सामना भी करना पड़ा ।
बाद में स्लॉट बुकिंग की समस्या से किसान परेशान
सबसे बड़ी समस्या इस बार स्लॉट बुकिंग सिस्टम को लेकर सामने आई है। सरकार ने भीड़ नियंत्रण और पारदर्शिता के लिए ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग व्यवस्था लागू की, लेकिन यही व्यवस्था किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गई। कई किसानों का कहना है कि पोर्टल पर बार-बार तकनीकी दिक्कतें आती हैं, सर्वर डाउन हो जाता है या लॉगिन ही नहीं हो पाता। ऐसे में उन्हें बार-बार प्रयास करना पड़ रहा है, फिर भी स्लॉट कन्फर्म नहीं हो पा रहा।
किसानों के बीच एक और बड़ा मुद्दा यह है कि फिलहाल छोटे किसानों, यानी कम जमीन वाले किसानों के स्लॉट आसानी से बुक हो रहे हैं, जबकि मध्यम और बड़े किसानों को इंतजार करना पड़ रहा है। इससे कई किसानों को यह लग रहा है कि व्यवस्था पूरी तरह संतुलित नहीं है और सभी को बराबर अवसर नहीं मिल पा रहा। सरकार की ओर से इसे चरणबद्ध व्यवस्था बताया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर इससे असंतोष बढ़ रहा है।
अब सरकार का स्लॉट बुकिंग को लेकर अंतिम तिथि जारी करना
खरीदी प्रक्रिया देर से शुरू होने के बावजूद सरकार ने समयसीमा तय कर दी है अब किसान केवल 30 अप्रैल 2026 तक ही अपने स्लॉट बुक कर सकेंगे, जबकि बड़ी संख्या में किसान अभी तक स्लॉट ही बुक नहीं कर पाए हैं। ऐसे में किसानों के मन में यह डर बढ़ता जा रहा है कि कहीं उनकी फसल समय पर न बिक पाए। कई किसानों का कहना है कि जब सिस्टम ही सही से काम नहीं कर रहा, तो अंतिम तारीख तय करने का क्या तात्पर्य है।
हालांकि सरकार की ओर से यह भी कहा जा रहा है कि खरीदी प्रक्रिया को तेज करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, जैसे कि उपार्जन केंद्रों की संख्या बढ़ाना और प्रति केंद्र प्रतिदिन खरीदी क्षमता को 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 1500 क्विंटल करना। साथ ही किसानों को 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के साथ 40 रुपये बोनस मिलाकर कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान किया जा रहा है। यह दर किसानों के लिए लाभकारी मानी जा रही है, लेकिन यदि किसान समय पर अपनी उपज बेच ही नहीं पाते, तो इस लाभ का कोई खास महत्व नहीं रह जाता।
यह भी देखें : gehu slot booking 2026-27 mp | mp e uparjan गेहूं स्लॉट बुकिंग लिंक
कुल मिलाकर देखा जाए तो इस साल गेहूं खरीदी में सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर नजर आ रहा है। एक तरफ आंकड़ों में खरीदी और भुगतान की रफ्तार दिखाई दे रही है, तो दूसरी तरफ बड़ी संख्या में किसान अभी भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इन समस्याओं का समाधान कितनी जल्दी करती है, क्योंकि इसका सीधा असर लाखों किसानों की आय और भरोसे पर पड़ने वाला है।
अपना स्लॉट बुक कैसे करे ?
समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं बेचने के लिए आपको स्लॉट बुकिंग (gehu slot booking) की प्रक्रिया अपनानी होती है।
- ✔️ 2 हेक्टेयर से कम जमीन वाले किसानों के स्लॉट अभी खुल रहे हैं
- ❌ 2 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन वाले किसानों के स्लॉट फिलहाल नहीं खुल रहे
आप यंहा दी गई लिंक के माध्यम से समय – समय पर स्लॉट बुकिंग सेवा को चेक करते रहे जैसे ही 2 हेक्टेयर से अधिक भूमि वाले किसानों की स्लॉट बुकिंग खुलेगी आप के स्लॉट भी इसी लिंक (gehu slot booking 2026 link ) के माध्यम से बुक हो जाएंगे |
FAQs
Q1. स्लॉट बुकिंग के लिए अंतिम तारीख क्या है?
30 अप्रैल 2026 तक स्लॉट बुकिंग की जा सकती है।
Q2. स्लॉट बुकिंग में समस्या आ रही है तो क्या करें?
बार-बार प्रयास करें और नजदीकी CSC या उपार्जन केंद्र से संपर्क करें।
Q3. इस साल गेहूं का कुल भाव कितना मिल रहा है?
₹2625 प्रति क्विंटल (MSP + बोनस)।
Q4. क्या तारीख बढ़ सकती है?
फिलहाल कोई आधिकारिक घोषणा नहीं, लेकिन स्थिति के अनुसार निर्णय लिया जा सकता है।








