HD 3385 wheat variety : एचडी 3385 गेहूं की किस्म, जो बदलते मौसम मे भी दे रही बंपर उत्पादन

By Shankar Aanjana

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HD 3385 wheat variety

देश में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। कहीं अधिक गर्मी पड़ रही है तो कहीं अनियमित बारिश और तापमान में उतार-चढ़ाव से गेहूं की फसल पर सीधा असर पड़ता है। ऐसे समय में किसान ऐसी गेहूं की किस्म चाहते हैं जो बदलते मौसम में भी उत्पादन और गुणवत्ता दोनों बनाए रखे। इसी जरूरत को देखते हुए भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली द्वारा गेहूं की एक विशेष किस्म HD 3385 विकसित की गई है, जिसे PPVFRA (Protection of Plant Varieties and Farmers’ Rights Authority) के माध्यम से पंजीकृत किया गया है।

यह किस्म अपनी खास विशेषताओं के कारण किसानों के बीच तेजी से चर्चा में है, क्योंकि इसमें बढ़ते तापमान को सहने की असाधारण क्षमता बताई गई है।

IARI की गेहूं किस्म HD 3385 की सबसे बड़ी खासियत क्या है?

IARI द्वारा विकसित HD 3385 किस्म की सबसे बड़ी विशेषता यह मानी जा रही है कि यह उच्च तापमान और मौसम के तनाव (Stress Condition) में भी अपनी उत्पादन क्षमता बनाए रखती है। आज तक जारी अन्य गेहूं किस्मों की तुलना में इसमें तापमान सहनशीलता अधिक देखी गई है।

यानी अगर बुवाई के बाद मौसम में अचानक बदलाव हो जाए, अधिक गर्मी पड़ जाए या असामान्य स्थिति बन जाए, तब भी यह किस्म सामान्य उत्पादन देने की क्षमता रखती है। यही कारण है कि इसे आज के समय की सबसे व्यावहारिक और उपयोगी किस्मों में गिना जा रहा है।

HD 3385 की बुवाई कब करें?

HD 3385 किस्म की एक बड़ी खासियत यह भी है कि इसकी बुवाई अक्टूबर महीने में भी की जा सकती है। क्योंकि अक्टूबर में अक्सर तापमान अधिक रहता है और वातावरण गर्म होता है, लेकिन यह किस्म गर्मी को सहन करने में सक्षम बताई गई है।

जल्दी बुवाई करने के बावजूद यह किस्म लंबी अवधि की होने के बाद भी समय पर कटाई के लिए तैयार हो जाती है, जिससे किसान को फसल प्रबंधन में आसानी होती है।

पौधे की ऊंचाई और बढ़वार कैसी रहती है?

HD 3385 गेहूं की ऊंचाई लगभग 98 सेंटीमीटर बताई गई है। इसके साथ ही इस किस्म में टिलरिंग (कुंचे निकलना) बहुत अधिक होती है।

चित्र : 100 दिनों की अवस्था पर गेहूं (HD 3385)

इसकी एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें पौधे मजबूत होने के कारण लॉजिंग (फसल गिरने की समस्या) लगभग नहीं के बराबर रहती है। इससे उत्पादन बढ़ने की संभावना अधिक हो जाती है और कटाई भी आसान रहती है।

HD 3385 गेहूं के दाने की गुणवत्ता कैसी है?

किसानों के लिए सिर्फ उत्पादन ही नहीं बल्कि दाने की गुणवत्ता भी बहुत जरूरी होती है। इस किस्म में दाने को आकर्षक, चमकदार और बोल्ड बनाया गया है। इसका मतलब यह है कि बाजार में इस किस्म की मांग बनने की पूरी संभावना रहती है और किसान को बेहतर भाव मिल सकता है।

साँथ ही यह किस्म चपाती (रोटी) के लिए भी उपयुक्त है इस किस्म के आटे से रोटी भी आसानी से बनाई जा सकती है।

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रोग प्रतिरोध क्षमता (Rust Resistance)

HD 3385 गेहूं किस्म में कई प्रमुख रोगों के खिलाफ बेहतर प्रतिरोध क्षमता बताई गई है। खासतौर पर यह किस्म:

  • पीला रतुआ (Yellow Rust)
  • भूरा रतुआ (Brown Rust)
  • काला रतुआ (Black Rust)

के प्रति उच्च प्रतिरोध क्षमता रखती है।

यह बात किसानों के लिए बहुत बड़ी राहत है, क्योंकि रतुआ रोग गेहूं में भारी नुकसान करता है और कई बार उत्पादन में बड़ी गिरावट आ जाती है।

HD 3385 में बीज दर कम क्यों लगती है?

इस किस्म की सबसे अनोखी विशेषता यह बताई गई है कि इसमें टिलरिंग बहुत अधिक होती है, यानी एक पौधे से ज्यादा कुंचे निकलते हैं। इसी वजह से इस किस्म में बीज की जरूरत कम हो जाती है।

दिए गए डाटा के अनुसार इस किस्म में बीज दर लगभग 35 से 40 प्रतिशत तक कम लगती है।
यानी किसान को बीज खरीदने में खर्च कम होगा और लागत घटेगी।

इस किस्म के लिए अनुशंसित बीज दर:

  • लगभग 80 से 100 किलो प्रति हेक्टेयर

बताई गई है।

HD 3385 का उत्पादन कितना मिलता है?

आपके दिए गए डाटा के अनुसार यह किस्म चपाती गेहूं में सबसे अधिक उत्पादन देने वाली किस्मों में गिनी जा रही है।

इसका अधिकतम उत्पादन:

  • लगभग 74 क्विंटल प्रति हेक्टेयर (आधिकारिक क्षमता)
  • किसानों द्वारा व्यावहारिक रूप से 80 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से अधिक उत्पादन भी लिया गया है

यह आंकड़ा किसानों के लिए काफी आकर्षक है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां मौसम की अनिश्चितता बनी रहती है।

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बुवाई का समय और सिंचाई प्रबंधन

HD 3385 किस्म की बुवाई के लिए 5 अक्टूबर से नवंबर तक का समय उपयुक्त बताया गया है। यह किस्म खेत में बारिश की नमी का उपयोग भी कर सकती है, जिससे शुरुआती सिंचाई का दबाव कम हो सकता है।

अनुशंसित सिंचाई:

  • लगभग 4 से 5 सिंचाई

खाद प्रबंधन:

  • NPK 100:50:25
  • साथ में जिंक की अनुशंसित मात्रा

का उपयोग करने पर अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

HD 3385 किस्म किसानों के लिए क्यों फायदेमंद है?

इस किस्म में उत्पादन, गुणवत्ता और मौसम सहनशीलता का जो संयोजन है, वह इसे किसानों के लिए एक मजबूत विकल्प बनाता है। खासतौर पर उन किसानों के लिए जो अक्टूबर में जल्दी बुवाई करते हैं या जहां तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है।

इस किस्म के मुख्य फायदे:

  • गर्मी और मौसम तनाव में भी बेहतर उत्पादन
  • कम बीज दर से लागत में कमी
  • फसल गिरने की समस्या कम
  • दाना आकर्षक और बाजार में पसंद
  • रतुआ रोगों के खिलाफ अच्छा प्रतिरोध
  • 80 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन की संभावना

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क्या HD 3385 गेहूं किस्म भविष्य में किसानों की पहली पसंद बन सकती है?

आज के समय में गेहूं की खेती में सबसे बड़ी चुनौती मौसम परिवर्तन है। IARI की HD 3385 किस्म को जिस तरह से उच्च तापमान सहनशील और ज्यादा टिलरिंग वाली किस्म बताया गया है, उससे यह साफ संकेत मिलता है कि यह किस्म आने वाले समय में किसानों के लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकती है।

FAQ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल ?

Q1. HD 3385 गेहूं किसने विकसित की है?

HD 3385 गेहूं किस्म को ICAR के अंतर्गत IARI (नई दिल्ली) द्वारा विकसित किया गया है।

Q2. HD 3385 की बुवाई कब करनी चाहिए?

इसकी बुवाई 5 अक्टूबर से नवंबर तक की जा सकती है।

Q3. HD 3385 में बीज दर कितनी लगती है?

इसमें लगभग 80 से 100 किलो प्रति हेक्टेयर बीज दर पर्याप्त बताई गई है।

Q4. HD 3385 का उत्पादन कितना हो सकता है?

व्यावहारिक रूप से किसानों द्वारा 80 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक भी उत्पादन भी लिया गया है।

Q5. क्या यह किस्म गर्मी सहन कर सकती है?

हाँ, यह किस्म उच्च तापमान और मौसम तनाव को सहने में सक्षम बताई गई है।


नोट: फफूंदनाशी या किसी भी कृषि रसायन के उपयोग से पहले स्थानीय कृषि अधिकारी या विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। सभी दवाएं निर्दिष्ट मात्रा में और सही समय पर ही उपयोग करें।

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